Tips for Successful Married Life In Hindi -नयी शादी जिंदगी भर निभाने के लिए जरुरी बाते

Tips for Successful Married Life In Hindi नयी शादी जिंदगी भर निभाने के लिए जरुरी बाते

Tips for Successful Married Life In Hindi – आज की दुनिया में शादी एक खेल हो गया है कभी इसके साथ तो कभी उसके साथ न जाने कितनी बार की जाती है। पहले के भारत वर्ष में शादी काफी सूझ भुझ से की जाती थी और उसी तरह निभाई भी जाती थी।अपने साथी के गुणों के साथ उसके अवगुणो के साथ भी पहली शादिया जिंदगी भर रहती थी। आज के नौजवान शादी करने में बड़े उत्साही रहते है पर जब शादी निभाने का वक़्त आता है वह नाकामयाब रहते है।

Tips for Successful Married Life In Hindi
Tips for Successful Married Life In Hindi

Tips for Successful Married Life In Hindi अगर दोनों मिलकर अपने शादी शुदा जिंदगी को बेहतर करना चाहते हो तो आपको यह बाते समझनी होगी और इसी के अनुसार अपने शादी शुदा जिंदगी के फैसले लेने होंगे।





शादी के बाद के कुछ समय मानों नवविवाहितों के लिए परीलोक में बिताने की तरह होता है परंतु जैसे जैसे विवाह को वक्त होता जाता है. कुछ सच्चाईयां पुनः धरातल पर आने को विवश करता है.

आप यह भी पढ़ सकते हो

DIABETES MELLITYS- मधुमेह क्या है?

वास्तु दोष (Vastu dosh Issue) कैसे दूर करे ?

शेयर बाजार क्या है?

Make Money Idea 

शादी के बाद कुछ शुरुआती वर्ष गुजरने के पश्चात जीवन की वास्तविकताओं से परिचय होता है. शादी कैसी भी हो प्रेम विवाह या परिवार द्वारा की गई हो, इन वास्तविकताओं का सामना सबको करना पड़ता है.





ये वास्तविकताएं कई बार ऐसी होती हैं,जो न चाहते हुए भी जीवन में कड़वाहट घोल देती हैं. हम सब लोग यह बात अच्छी तरह से जानते हैं कि हमें एक ही जिंदगी मिली है. फिर भी इसे खुशी से भरने की कोशिश नहीं करते. जबकि अगर थोड़ी सी कोशिश की जाए, तो हम अपने जीवन को बेहतर तरीके से जी सकते हैं.

यह करने के लिए बहुत थोड़ी-सी सामान्य चीजों का ध्यान रखना होता है.और यही थोड़ी सी सामान्य बातें हमारे विवाहित जीवन में खुशियों के रंग घोल देती हैं.क्या करें जिससे जीवन में प्रेम के रंग घुल जाएं ?

Tips for Successful Married Life In Hindi शादी बचाने के कुछ उपाय

  1. आप दोनों ही जीवन रूपी गाड़ी और परिवार को चलाने में अपना सारा समय लगा देते हैं, और एक दूसरे के लिए वक़्त नहीं निकाल पाते. अत: अपने जीवन साथी के लिए समय निकालें. वर्ष में एक बार छुट्टियों में बाहर जाएं और संभव हो तो बच्चों के बिना जाये




  1. कोई भी पूर्ण नहीं होता, सबमें कमियां और अच्छाईयां होती हैं. अत: जब भी आपको अपने साथी की कमी नजर आए तो उसकी उन अच्छाईयों को भी याद करें, जो आपको अच्छे लगते हैं, और अपने साथी को उसकी कमियों के साथ स्वीकारें.
  2. एक-दूसरे को स्थान दें यानी आप दोनों एक दूसरे बिना भी कुछ समय अकेले गुजारें.
  3. अपने लक्ष्य और सपनों पर मिल कर चर्चा करें.
  4. अपने साथी से वैसा ही व्यवहार करें जैसा आप उससे अपने लिए चाहते हैं.
  5. छोटी-छोटी बातों पर समझौता करना सीखे.
  6. अपनी भावनाओं को व्यक्त करें. बात को मन में रख कर कुढ़े नहीं.
  7. अपनी शारीरिक और मानसिक जरूरतों की आपस में चर्चा करें.




  1. कुछ बातें जिन्हें करने से परहेज करें – किसी तीसरे व्यक्ति के सामने अपने साथी की आलोचना न करें. किसी दूसरे के साथ अपने साथी की तुलना नहीं करें. किसी भी बात पर तुरंत सहमत न हों बल्कि अपना स्वतंत्र मत रखें.
  2. अपने आपको अनदेखा न करें. एक- दूसरे के पसंद के कपड़े वगैरह पहनें.अर्थात उसकी पसंद का खास ख्याल रखें.
  3. अपने साथी या शादी को ‘टेकन फार ग्रान्टेड’ नहीं लें, बल्कि इसे और खुशनुमा बनाने की कोशिश करें.