सूखी खांसी (Dry cough) रोग परिचय, लक्षण एवं कारण

Cough Treatment खांसी रोग परिचय, लक्षण एवं कारण

सूखी खाँसी,कास, खाँसी (Dry Cough Treatment) :-खाँसी स्वयं में कोई रोग नहीं है .
बल्कि यह अन्य दूसरे रोगों का लक्षण भर है। यह सर्दी, न्यूमोनियां काली खाँसी,
तपेदिक, दमा, ब्रोकाइटिस (श्वास नली में सूजन) प्लूरिसी और यकृत की खराबी
आदि रोगों से हुआ करती है।
सूखी खांसी (Dry cough) रोग परिचय, लक्षण एवं कारण
सूखी खांसी (Dry cough) रोग परिचय, लक्षण एवं कारण
दोस्तों एक साधारणसी खासी को आज लोग कोरोना के वजह से काफी डर जाते है। पर दोस्तों इसमें डरने की कोई बात नहीं है आयुर्वेद ने पुराने से पुराने खासी को भी जड़ से मिटाया है।
इसलिए डरिये मत और अभी अपने खासी का इलाज करे।
खाँसी के सम्बन्ध में लोकोक्ति प्रचलित है-लड़ाई की जड़ हाँसी और रोगों
की जड़ है खाँसी।”
नोट:-खाँसी सदैव गले और फेफड़ों के विकारों से उत्पन्न होती है।


Types of Cough  खाँसी के प्रकार 

सूखी खांसी (Dry cough) – दोस्तों आप सभी को कभी ना कभी तो खाँसी हुयी ही होगी पर क्या आप जानते हो की खाँसी के भी टाइप्स होते है। तो अगर फिर कभी आपको खाँसी हो तो आप तुरंत समझ जाओगे की आपको कौनसे टाइप्स की खाँसी है। और आप जल्द ही अपने खाँसी पर दवाइया ले लोगे। तो चलिए देखते है Types of Cough .

सूखी खांसी (Dry cough) रोग परिचय, लक्षण एवं कारण

सूखी खांसी (Dry cough) रोग परिचय, लक्षण एवं कारणImage Credit:- economictimes

मोटेतौर पर खाँसी Cough 3 प्रकार की हुआ करती है।

  1. सूखी खाँसी :-इस खाँसी में बलगम नहीं निकलता। बहुत ज्यादा खाँसने
    पर थोड़ा सा ही बलगम निकल पाता है इस कारण रोगी की छाती में जकड़ाहट, महसूस होती है, ऐसी खाँसी दमा, न्यूमोनियां, तपेदिक, ब्रोंकाइटिस और प्लूरिसी की प्रथम अवस्था में आती है।



  1. बलगमी खाँसी :- इस खाँसी में बलगम जरा सा खाँसने पर आराम से
    तथा अधिक मात्रा में निकलता है। अधिक बलगम का निकलना अच्छा नहीं होता है। ऐसी खाँसी बढ़ी हुई ब्रोंकाइटिस (श्वास नलिका प्रादाह) तथा तपेदिक की निशानी मानी जाती है।
  2. दौरे के रूप में आने वाली खाँसी :-काली (कुकुर) खाँसी में होता है।

इस आर्टिकल में आपको निचे दिए गए सभी विषयो के बारे में विस्तार से जानकारी मिल जाएगी।

  1. सूखी खांसी के लक्षण ?
  2. सूखी खांसी किस कारन से होती है ?
  3. सूखी खांसी के घरेलू उपाय ?
आपको यह भी पढ़ना चाहिए।



Dry Cough Treatment सूखी खांसी रोग उपचार

Dry Cough Treatment सूखी खांसी रोग उपचारसूखी खाँसी में गरम जल दें, पूर्ण विश्राम को निर्देशित करें, रोगी को ठन्ड से बचायें। रात्रि में खाँसी बचाव हेतु शाम से पूर्व ही औषधि दें। गले को तर रखने हेतु मिश्री या मुलहठी चुसवायें। मुलहठी, लौंग, अदरक-रस को मधु में मिलाकर चटवायें। पुरानी खाँसी में खुली हवा में टहलना, हलका व्यायाम करना,प्रातः भ्रमण करना तथा शीतल जल से स्नान उपयोगी है।
सभी प्रकार की खांसी में ऋतु के अनुसार कपड़े पहिनें, तर तथा भीड़भाड़ युक्त स्थानों, मिर्च एवं धूप की गर्द से बचाव रखें, खट्टे खाद्य पदार्थ एवं सिरका आदि न दें। भीगने से भी रोगी को बचावें। विशेषत: छाती एवं सिर में (माथा) रोगी को ठन्ड न लगने दें। ठन्डे मौसम में ठन्डे खाद्य पदार्थ जैसे-गन्ना, सिंघाड़ा, मूंगफली, केला, वर्फ आदि से पूर्णतः परहेज करवायें।
सूखी खांसी (Dry cough) -अचानक सर्दी से गर्मी तथा गर्मी से सर्दी की जगह में न जायें क्योंकि ऐसा करने से सर्द-गर्म हाने के कारण रोग बढ़ जाता है। खांसी को समूल रूप से नष्ट करने वाली चिकित्सा तत्काल प्रारम्भ करनी चाहिए। कहने का तात्पर्य यह है कि खांसी को बढ़ने का मौका कदापि नहीं देना चाहिए। इसी में बुद्धिमानी है। तीव्र खांसी को अंग्रेजी में Acute Bronchitis तथा पुरानी खांसी को Chronic Bronchitis कहते हैं।


Dry Cough सूखी खांसी नाशक कुछ घरेलू उपचार

  • साधारण खांसी में अदरक का रस निकालकर उसमें थोड़ा शहद तथा जरा सा काला नमक भी मिलाकर चाटें। लाभकारी योग है।
  • साफ की हुई अजवायन 1 ग्राम नित्य रात्रि के समय पान के बीड़े में रखकर खाने से खांसी में लाभ मिलता है।
  • क्षय रोग के रोगी को यदि खाँसी के कारण निद्रा न आती हो तो शाम के समय अफीम % रत्ती को मुनक्का में भरकर निगलवा देने से रात्रि में शान्ति की नींद आती है तथा खाँसी भी बार-बार नहीं उठती है।
  • छिलके सहित अखरोट की भस्म कर इसे एक ग्राम-सात ग्राम शहद में मिला कर चटाने से खांसी में लाभ होता है।
  • पान के रस को शहद के साथ चटाने से बच्चों की खाँसी में बहुत लाभ होता है।
  • फुलाये हुए सुहागा को (2 रत्ती की मात्रामें) थोड़े से दूध के साथ चटाने से बच्चों की खाँसी में बहुत लाभ होता है।



  • दूध 250 ग्राम, पानी 125 ग्राम, हल्दी की एक गाँठ का चूर्ण तथा गुड़ आवश्यकतानुसार लेकर सभी को एक बर्तन में डालकर औटावें और जब औटते-औटते मात्र दूध बचे, पानी जल जाये तो उतार लें तथा छानकर खाँसी के रोगी को गुनगुना-2 पिला दें। परीक्षित प्रयोग है। खाँसी के रोगी को निश्चित आराम मिलेगा।
  • दो लौंग (गरम मसाले वाली) को तवे पर भूनकर (गरम तवे पर लौंग 1 मिनट में ही फूल कर मोटी नजर आयेगी, तभी उतार लें) तथा पीसकर 1 चम्मच दूध में मिलाकर गुनगुना कर बच्चों को सोते समय पिला देने से खाँसी से छुटकारा मिल जाता है।
  • काली मिर्च कूट पीसकर कपड़छन करके रखलें। इसे 2 से 4 ग्रेन तक शहद में मिलाकर प्रतिदिन दो बार चटायें। खाँसी समाप्त हो जायेगी।

 

NOTE:- किसी भी दवाई को या नुस्के को आजमाने से पहले किसी वैद्य या डॉक्टर की सलाह अवश्य ले। 

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